ग्रहण दोष पूजा
Grahan Dosh Shanti Puja
जब कुंडली में सूर्य या चंद्रमा राहु या केतु के साथ स्थित होते हैं, तो ग्रहण दोष का निर्माण होता है।
Ujjain



यह अनुष्ठान क्या है?
ग्रहण दोष के कारण व्यक्ति की प्रगति रुक जाती है, आत्मविश्वास की कमी होती है और मानसिक तनाव हमेशा बना रहता है। उज्जैन में इसकी शांति से इस दोष के प्रभाव को शून्य किया जा सकता है।
ग्रहण दोष के प्रभाव
- आत्मविश्वास और मनोबल में कमी
- हर कार्य में असफलता का डर
- माता या पिता के स्वास्थ्य पर बुरा असर
अनुष्ठान के लाभ
- आत्मविश्वास में वृद्धि और मानसिक शांति
- रुके हुए कार्यों का सफलतापूर्वक पूरा होना
- परिवार में स्वास्थ्य और सुख की वृद्धि
