मंगल भात अनुष्ठान

Mangal Bhaat Puja & Dosh Nivaran

ज्योतिष के अनुसार, जब कुंडली में मंगल ग्रह प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है, तो मांगलिक दोष उत्पन्न होता है। यह दोष विवाह में देरी, वैवाहिक जीवन में तनाव और करियर में बाधाओं का मुख्य कारण माना जाता है।

Mangalnath Temple, Ujjain

यह अनुष्ठान क्या है?

मंगल दोष की शांति के लिए उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर (Mangalnath Temple) पूरे विश्व में एक मात्र ऐसा स्थान है, जहाँ साक्षात मंगल देव की उत्पत्ति मानी जाती है। यहाँ पके हुए चावल (भात) से भगवान शिव (मंगल देव के रूप में) का विशेष अभिषेक और श्रृंगार किया जाता है। इसी प्रक्रिया को 'मंगल भात पूजा' कहते हैं।

मंगल दोष के लक्षण और प्रभाव

  • विवाह तय होने में बार-बार बाधा आना
  • पति-पत्नी के बीच अकारण कलह और मतभेद
  • स्वभाव में अत्यधिक क्रोध और चिड़चिड़ापन
  • करियर और व्यवसाय में बार-बार अस्थिरता
  • स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां, विशेषकर रक्त संबंधी

अनुष्ठान के लाभ

  • मांगलिक दोष का पूर्ण निवारण और विवाह के योग शीघ्र बनना
  • वैवाहिक जीवन में प्रेम, शांति और स्थिरता की प्राप्ति
  • क्रोध पर नियंत्रण और स्वभाव में सौम्यता आना
  • करियर में उन्नति और रुके हुए कार्यों का पूरा होना

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