काल सर्प दोष पूजा
Kaal Sarp Dosh Puja Ujjain
हिंदू ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि जन्म कुंडली में राहु और केतु (Rahu-Ketu) के बीच सभी ग्रह आ जाते हैं, तो उसे काल सर्प दोष (Kaal Sarp Dosh) कहा जाता है। यह एक अत्यधिक कष्टकारी योग है जो जीवन में अनेक बाधाएँ उत्पन्न करता है।
Ujjain (Mahakal)



यह अनुष्ठान क्या है?
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब काल सर्प दोष बनता है। यह आर्थिक संकट, विवाह में देरी, करियर अस्थिरता, मानसिक तनाव और अन्य समस्याओं का कारण बनता है। उज्जैन, महाकाल की नगरी, इस दोष के निवारण के लिए विश्व का सबसे पवित्र और सिद्ध स्थान माना जाता है।
काल सर्प दोष के प्रकार
- अनंत कालसर्प दोष – करियर और व्यवसाय में रुकावट
- कुलिक कालसर्प दोष – आर्थिक संकट और दुर्घटनाएँ
- वासुकी कालसर्प दोष – पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव
- शंखपाल कालसर्प दोष – शिक्षा में बाधा
- पद्म कालसर्प दोष – संतान प्राप्ति में समस्या
- महापद्म कालसर्प दोष – विवाह में देरी
अनुष्ठान के लाभ
- काल सर्प दोष से पूर्ण मुक्ति और जीवन में स्थिरता
- आर्थिक, पारिवारिक और व्यावसायिक समस्याओं का समाधान
- विवाह, संतान, करियर और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का निवारण
- मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति
- भगवान शिव और नागदेवता की विशेष कृपा प्राप्ति
